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Maharajganj News: लेखपालों ने मूल हलकों के भी कार्य बहिष्कार की दी चेतावनी

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नौतनवा तहसील में लेखपालों का आठवें दिन भी प्रदर्शन जारी

महराजगंज जिले के नौतनवा तहसील में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का आंदोलन मंगलवार को आठवें दिन भी पूरी तरह जारी रहा। संघ के बैनर तले एकजुट हुए लेखपालों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए संघ के अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

आंदोलन और तेज करने की मिली चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने अपनी भावी रणनीति को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन स्तर से उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अब अपने अतिरिक्त हल्कों के साथ-साथ अपने मूल हल्कों (मूल कार्यक्षेत्र) का भी कार्य बहिष्कार करना शुरू कर देंगे। इस चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन और राजस्व कार्यों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता बढ़ गई है।

प्रमुख मांगें जो बनी हैं विवाद का कारण

लेखपाल संघ द्वारा उठाई जा रही मांगों में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं, जिन्हें लेकर वे पिछले आठ दिनों से संघर्षरत हैं:

  • अंतर्मंडलीय स्थानांतरण: लेखपालों की लंबे समय से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की नीति लागू करने की मांग।
  • डीपीसी (DPC) का आयोजन: समयबद्ध तरीके से पदोन्नति (DPC) प्रक्रिया शुरू करने की मांग।
  • वाहन भत्ता: महंगाई को देखते हुए वर्तमान वाहन भत्ते में उचित वृद्धि की जानी चाहिए।
  • ग्रेड पे में संशोधन: लेखपालों के ग्रेड पे में सुधार करने के लिए शासन को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

प्रशासनिक उदासीनता पर नाराजगी

संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि शासन स्तर पर उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जो कि अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की रीढ़ होने के बावजूद लेखपाल अपनी जायज मांगों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। फिलहाल लेखपालों का यह कार्य बहिष्कार जारी है, जिससे तहसील के दैनिक प्रशासनिक कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक किसी भी ठोस वार्ता या समाधान की जानकारी सामने नहीं आई है।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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