Thursday, 17 September 2026 | पूर्वांचल संस्करण • कुशीनगर केंद्रबिंदु
🔴 24x7 लाइव न्यूज़ डेस्क
• कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज, गोपालगंज
हाइपरलोकल न्यूज़ प्लेटफॉर्म निष्पक्ष • प्रामाणिक • सबसे पहले

Maharajganj News: वायरल की चपेट में बच्चे, जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी

🎙️ खबर सुनें (AI वॉइस रीडर)

महराजगंज के जिला अस्पताल में वायरल का असर

महराजगंज जिले में मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही बच्चों में वायरल संक्रमण का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में बच्चों की ओपीडी और संक्रामक रोग वार्ड में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा दर्ज किया गया है। बदलते मौसम के कारण बच्चों को बुखार, खांसी, सर्दी-जुकाम और उल्टी-दस्त जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते अभिभावकों में चिंता देखी जा रही है।

संक्रामक रोग वार्ड की स्थिति

अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जिला अस्पताल के संक्रामक रोग वार्ड में करीब 30 बच्चे भर्ती होकर उपचार ले रहे हैं। इनमें से 22 बच्चे तेज बुखार, पांच डायरिया और दो बच्चे निमोनिया से ग्रसित हैं। वार्ड में भर्ती बच्चों में रुधौली भावचक निवासी आठ माह के राज, अंकुश, आदित्य, शिवांश, रवि, आनंद और जया समेत अन्य बच्चे शामिल हैं। चिकित्सकों की देखरेख में सभी बच्चों का इलाज चल रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को अचानक तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हुई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लाना पड़ा।

चिकित्सकों की सलाह और बचाव के उपाय

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कहा कि बाल रोग ओपीडी में रोजाना लगभग 50 बच्चे जांच के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें से 30 से 35 बच्चों में वायरल संक्रमण के लक्षण साफ देखे जा रहे हैं। डॉ. मिश्रा ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता पर भारी पड़ रहे हैं।

  • बच्चों को केवल साफ और शुद्ध पानी ही पिलाएं।
  • हमेशा ताजा और स्वच्छ भोजन का सेवन कराएं।
  • घर के आसपास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और बच्चों के हाथ नियमित अंतराल पर धोएं।
  • संक्रमित व्यक्तियों से बच्चों को दूर रखें।
  • अचानक ठंडे और गर्म वातावरण के संपर्क में आने से बच्चों को बचाएं।

चिकित्सकों ने स्पष्ट सलाह दी है कि यदि बच्चे को तेज बुखार, लगातार उल्टी-दस्त या सांस लेने में कठिनाई महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें और तत्काल नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लें। वर्तमान में अस्पताल प्रशासन ने भर्ती बच्चों के लिए निगरानी बढ़ा दी है और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

(संवाददाता)

पूर्वांचल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क रिपोर्टर।

संबंधित और अन्य महत्वपूर्ण खबरें

✍️ अपनी राय दें (Leave a Comment)

आपका ईमेल पता सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।