डिजिटल प्लेटफॉर्म से संवर रही ग्रामीण विद्यार्थियों की शिक्षा
महराजगंज जनपद में यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए डिजिटल शिक्षा एक क्रांतिकारी माध्यम बनकर उभरी है। अब कक्षा 6 से 12 तक के छात्र अपनी एकेडमिक पढ़ाई के साथ-साथ एनडीए, बैंकिंग और सीडीएस जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह केवल किताबों पर निर्भर नहीं हैं। शासन द्वारा संचालित ज्ञान एकेडमी, स्पर्श और दीक्षा जैसे डिजिटल पोर्टल ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के नए द्वार खोल रहे हैं।
ज्ञान एकेडमी, स्पर्श और दीक्षा की भूमिका
इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाइव कक्षाएं, उच्च गुणवत्ता वाले रिकॉर्डेड वीडियो लेक्चर और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री पूरी तरह से निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। ज्ञान एकेडमी पोर्टल पर विषयवार लाइव कक्षाएं संचालित होती हैं, जहाँ विद्यार्थी घर बैठे विशेषज्ञ शिक्षकों से मार्गदर्शन ले सकते हैं। यदि किसी कारणवश छात्र लाइव क्लास नहीं ले पाते, तो वे रिकॉर्डेड वीडियो के माध्यम से अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, दीक्षा पोर्टल पर यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम के अनुरूप ई-कंटेंट, मॉक टेस्ट और क्विज उपलब्ध हैं, जो विद्यार्थियों की तैयारी को परखने में मदद करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के इच्छुक छात्रों के लिए स्पर्श पोर्टल करंट अफेयर्स और प्रैक्टिस सेट मुहैया कराता है, जिससे वे अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ा रहे हैं।
शिक्षक और अधिकारियों का अनुभव
राजकीय माध्यमिक विद्यालय गौहरपुर के प्रधानाध्यापक अनमोल कुमार यादव का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स ने उन बच्चों को सहारा दिया है जो आर्थिक तंगी के कारण निजी कोचिंग में जाने में असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि लाइव क्लास के जरिए छात्रों के विषय संबंधी संदेह (डाउट्स) तुरंत दूर हो जाते हैं और मॉक टेस्ट से परीक्षा को लेकर उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। वहीं, राजकीय माध्यमिक विद्यालय बरवां राजा के प्रधानाध्यापक रामजी प्रसाद ने कहा कि इन पोर्टल्स ने सरकारी और निजी स्कूलों के बीच की शिक्षा संबंधी खाई को पाटने का काम किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी वही कंटेंट पढ़ पा रहे हैं जो शहरों के बड़े स्कूलों में पढ़ाया जाता है।
अधिकारियों का रुख और भविष्य
इस संदर्भ में जिला विद्यालय निरीक्षक राम नगीना भारती ने कहा कि एनसीईआरटी और माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा अनुमन्य किए गए इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वसुलभ बनाना है। उन्होंने बताया कि जिले के शिक्षक और विद्यार्थी अपनी जरूरत के मुताबिक इन संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहे हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन डिजिटल उपकरणों के व्यापक उपयोग से आने वाले समय में बोर्ड परीक्षा के परिणामों में गुणात्मक सुधार देखने को मिलेगा। महराजगंज के ग्रामीण परिवेश में रहने वाले छात्रों के लिए यह तकनीक न केवल समय की बचत कर रही है, बल्कि उन्हें भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए भी तैयार कर रही है।