वित्तीय अनियमितता का मामला
गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र में वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड की स्थानीय शाखा में कार्यरत मैनेजर पर कंपनी के साथ 50.44 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस संबंध में कंपनी के यूनिट मैनेजर महेंद्र यादव की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
गबन का तरीका और ऑडिट रिपोर्ट
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपित मैनेजर चंद्र उदय गौड़ पर आरोप है कि उसने कंपनी के ऋण वितरण तंत्र का दुरुपयोग किया। यह कंपनी मुख्य रूप से जरूरतमंद महिलाओं को ई-केवाईसी के आधार पर स्वरोजगार हेतु ऋण मुहैया कराती है। 7 नवंबर 2025 को किए गए आंतरिक ऑडिट के दौरान वित्तीय गड़बड़ी सामने आई। विस्तृत जांच में पता चला कि 20 मामलों में 4,43,338 रुपये, अन्य 32,67,775 रुपये का गलत भुगतान और 17,76,698 रुपये के गबन सहित कुल 50,44,473 रुपये की हेराफेरी की गई है।
धमकी और कानूनी कार्रवाई
कंपनी के अधिकारियों का आरोप है कि जब उन्होंने मैनेजर से गबन की गई धनराशि वापस मांगी, तो आरोपित ने रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता ने अपनी तहरीर में यह भी स्पष्ट किया है कि मैनेजर ने उन्हें और अन्य कर्मचारियों को इस मामले में हस्तक्षेप न करने की धमकी दी। ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है।
पुलिस की भूमिका और जांच की स्थिति
बड़हलगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपित मैनेजर चंद्र उदय गौड़, ओमप्रकाश गौड़ और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आरोपितों की तलाश कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मैनेजर अपने परिजनों के साथ मिलकर कंपनी के साथ धोखाधड़ी कर रहा था। फिलहाल पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि गबन की गई राशि का उपयोग कहां किया गया और इसमें और कौन-कौन से लोग संलिप्त हो सकते हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर कंपनी के कार्यों और ऋण वितरण प्रक्रिया की निगरानी बढ़ा दी गई है।