सहजन के गुणों से भरपूर है मोरिंगा
गोरखपुर के निवासियों के लिए स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना अब और भी आसान हो गया है। हाल ही में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अभय ने मोरिंगा, जिसे आम भाषा में ‘सहजन’ कहा जाता है, पर अपनी शोध रिपोर्ट साझा की है। प्रोफेसर का कहना है कि मोरिंगा को केवल खेतों में ही नहीं, बल्कि घर की छत पर गमलों में या छोटे गार्डन में भी आसानी से उगाया जा सकता है। यह पौधा न केवल कम देखरेख में फलता-फूलता है, बल्कि औषधीय गुणों का भंडार भी है।
डॉ. अभय के शोध के मुख्य बिंदु
प्रोफेसर डॉ. अभय ने अपने शोध में बताया कि मोरिंगा एक अत्यंत प्रभावी ‘न्यूट्रिशनल पौधा’ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोरिंगा की पत्तियों में मानव शरीर के लिए जरूरी कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। यदि इसे नियमित आहार में शामिल किया जाए, तो यह कई बीमारियों से लड़ने में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है।
- एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत: मोरिंगा की पत्तियां शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करती हैं।
- पोषक तत्वों का खजाना: इसमें विटामिन ए, सी, कैल्शियम और पोटेशियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है।
- आसान खेती: इसे छोटे गमलों या घर के खाली कोनों में भी उगाया जा सकता है, जो शहरी जीवनशैली के लिए उपयुक्त है।
गोरखपुर के निवासियों के लिए सलाह
प्रोफेसर ने गोरखपुर शहर के लोगों को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं और घर पर ही मोरिंगा जैसे स्वास्थ्यवर्धक पौधों को लगाएं। यह न केवल ताजी सब्जियां और पत्तियां प्रदान करेगा, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी फायदेमंद है। चूंकि इसे अधिक पानी या विशेष उर्वरकों की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए व्यस्त जीवनशैली वाले लोग भी इसे सरलता से उगा सकते हैं।
स्वास्थ्य और भविष्य की राह
आज के दौर में जब लोग रसायनों से मुक्त भोजन की तलाश में हैं, मोरिंगा का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सहजन की फली और पत्तियों का सेवन करना एनीमिया जैसी समस्याओं को दूर करने में भी सहायक है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग का यह शोध स्थानीय स्तर पर लोगों को बागवानी के प्रति प्रेरित करने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का एक सार्थक प्रयास है। आने वाले समय में, घर पर मोरिंगा उगाने की यह तकनीक स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।